Sunday, 27 November 2011
@मेri माँ@
माँ तुम हो इस दुनिया में सबसे न्यारी और दुलारी
तुम हो माँ इस जहा में सबसे प्यारी
माँ कितना चाहता हूँ तुम्हे बता नहीं सकता
तेरे प्यार का बदला मैं कभी नहीं चूका सकता
देख के तुमको मिलता है सुकून माँ
आज भी सोना चाहता हैं तेरे गोद में माँ
वो बचपन में तेरा प्यार माँ
मुझे आज भी याद है
तेरे आचल के पीछे छुपना
दूध न पीने के लिए नखरे दिखाना
वो तुम्हारा डाटना और हलके गल में चपत लगाना
और माँ तेरा खुद ही वो सहम जाना
तेरे याद आती है माँ तेरे पास आने को जी चाहता है
तेरे गोद में सोने को जी चाहता है
मैं तुम्हे बहुत चाहता हूँ मेri माँ
!!मिलना जरुरी नहीं !!
मिलना जरुरी नहीं प्यार केलिए
कहने की जरुरत नहीं इजहार के लिए
आंखे भी कह देती हैं सब कुछ वया
अब क्या जरुरी है मिलना इजहार के लिए
वन्दिशे होती हैं प्यार में समाज की
क्यूंकि भरोसा नहीं है आज के प्यार की
कब दिल टूटे कब जुड़ जाये
कैसे हालत हैं नोजवान आज तेरे प्यार की
अरे प्यार की कोई नहीं होती परिभासा
कब कहा हो जाये कोई नहीं होती आशा
सोते जागते रहता है उनका ही नाम
अरे नोजवानो क्यूँ करते हो प्यार को बदनाम
कहने की जरुरत नहीं इजहार के लिए
आंखे भी कह देती हैं सब कुछ वया
अब क्या जरुरी है मिलना इजहार के लिए
वन्दिशे होती हैं प्यार में समाज की
क्यूंकि भरोसा नहीं है आज के प्यार की
कब दिल टूटे कब जुड़ जाये
कैसे हालत हैं नोजवान आज तेरे प्यार की
अरे प्यार की कोई नहीं होती परिभासा
कब कहा हो जाये कोई नहीं होती आशा
सोते जागते रहता है उनका ही नाम
अरे नोजवानो क्यूँ करते हो प्यार को बदनाम
{{ मैं झूठ नहीं बोलता }}
और कभी लगता है खो जाऊ कभी गर तुम भरोसा न करो मुझ पर
हा अब तो सबूत ले के चलता जिंदा होने का क्या पता तुम्हे इस पर भी यकीन हो न हो
जीता हूँ बस तेरे भरोसे तुझे यकीन हो न हो
नफरत होती जब कोई कहता है तुम झूठ बोलते हो
पर यकीन कैसे दिलाऊ की मैं झूठ नहीं बोलता
!!मेरी प्यारी बहना!!
मेरी प्यारी बहना
तुम ही मेरी गहना !!कितना चाहता हूँ तुम्हे यह कहना
बड़ा मुस्किल है मेरी बहना
तुम हमारे पास हमेशा रहना !!
भले ही सताता रहू और रुलाऊ
पर तेरे आंसू देखकर मुझे भे आ जाता है रोना
हा मेरी बहना !!
सच तो ये है की दुसरो के साथ प्यार दिखाऊ!
पर तुम्हे बहुत चाहता हूँ कितना ये कैसे दिखाऊ!!
मेरी प्यारी बहना ! तुम हो मेरी गहना!!
!!प्यार और दर्द का रिश्ता!!
मैंने तो तुम से दर्द ही तो माँगा था
पर तुम ने तो अपना दर्द तो क्या जख्म भी नहीं दीखाया !!
की मुझे समझती हो पराया !
अपना नहीं समझा तुमने मुझे कभी
मैंने तो तुम से दर्द ही तो माँगा था !!
उसने कहा :-
क्या मैं तुम्हे नहीं चाहती जो अपना दर्द दे देती
तुम मेरे जख्मो देख कर रो न दो
अब बताओ तुम्हे मैं कैसे रुला देती!!
तुम रो न दो जख्मो को देखकर इसलिए नहीं दिखाया !
पर तुम ने तो एक पल में ही मुझे कर दिया पराया !!
मैंने कहा :-
अरे पगली जख्म तुम्हे हो दर्द मुझे होता है
अब दर्द मिटने के लिए जख्म कितना है जरुरी होता है !!
प्यार और दर्द का रिश्ता भी अजीब होता है !
चोट किसी को लगे और दर्द किसी और को होता है !!
क्या ईसे को कहते हैं प्यार !
हर पल हर लम्हा रहे उनका इन्तजार !!
प्यार करने वाले कभी न हो जुदा !
बस इतना करना मेरे खुदा !!
पर तुम ने तो अपना दर्द तो क्या जख्म भी नहीं दीखाया !!
की मुझे समझती हो पराया !
अपना नहीं समझा तुमने मुझे कभी
मैंने तो तुम से दर्द ही तो माँगा था !!
उसने कहा :-
क्या मैं तुम्हे नहीं चाहती जो अपना दर्द दे देती
तुम मेरे जख्मो देख कर रो न दो
अब बताओ तुम्हे मैं कैसे रुला देती!!
तुम रो न दो जख्मो को देखकर इसलिए नहीं दिखाया !
पर तुम ने तो एक पल में ही मुझे कर दिया पराया !!
मैंने कहा :-
अरे पगली जख्म तुम्हे हो दर्द मुझे होता है
अब दर्द मिटने के लिए जख्म कितना है जरुरी होता है !!
प्यार और दर्द का रिश्ता भी अजीब होता है !
चोट किसी को लगे और दर्द किसी और को होता है !!
क्या ईसे को कहते हैं प्यार !
हर पल हर लम्हा रहे उनका इन्तजार !!
प्यार करने वाले कभी न हो जुदा !
बस इतना करना मेरे खुदा !!
!! कविता कवि की !!
कविता कवि की कल्पना है संकल्पना है चाहत है!
हँसाने का सहारा है किसे की जीने का सहारा है !!कविता कवि की अर्धांग्नी है!
उसके दिल के संगनी है !!
मन की भावना है !
कवी की रागनी है !!
लोगो को बदलने का तरीका है!!
जिसके बिना कवि फीका है !
कविता कवि की तनहाई में भी सहारा है!
लोगो और लोगो के बिना जीने का इशारा है!!
कविता तो कवी के दिल की रानी है !!
कवी और कविता की बस यही कहानी है!!
कविता कवि की कल्पना है संकल्पना है चाहत है!
हँसाने का सहारा है किसे की जीने का सहारा है !!कविता कवि की अर्धांग्नी है!
उसके दिल के संगनी है !!
मन की भावना है !
कवी की रागनी है !!
लोगो को बदलने का तरीका है!!
जिसके बिना कवि फीका है !
कविता कवि की तनहाई में भी सहारा है!
लोगो और लोगो के बिना जीने का इशारा है!!
कविता तो कवी के दिल की रानी है !!
कवी और कविता की बस यही कहानी है!!
दो लोगो से बड़ा डर लगता है
दो लोगों से बड़ा डर लगता है !
कभी रास्तो में मिलते हैं कभी कभी कभी आन्दोलन करते हुए मिलते हैं !
क्या पता कब राजनीती खेल जाये !!
और रास्तो में छोड़ जाये !!
दो लोगों से बड़ा डर लगता है !
एक दुसरे जो अपने हैं और एक जो अपने जो दुसरे हैं !!
क्या पता कब साथ छोड़ जाये !!
और हम जिंदगी भर तलाशते रह जाये!!
दो लोगो से बड़ा डर लगता है
एक तुम से और मेरे एक तन्हाई से!!
क्या पता कब मचल जाये !!
और मुझे तनहा सा कर जाये !!!
और रास्तो में छोड़ जाये !!
दो लोगों से बड़ा डर लगता है !
एक दुसरे जो अपने हैं और एक जो अपने जो दुसरे हैं !!
क्या पता कब साथ छोड़ जाये !!
और हम जिंदगी भर तलाशते रह जाये!!
दो लोगो से बड़ा डर लगता है
एक तुम से और मेरे एक तन्हाई से!!
क्या पता कब मचल जाये !!
और मुझे तनहा सा कर जाये !!!
दो लोगो से बड़ा डर लगता है
एक हम से और एक तुम से !!
एक हम से और एक तुम से !!
मेरा सालाम है!!
मेरा सालाम है!!
उन सच्चे वीरो को जो हँसते२ माँ बहन से ली विदाई और नहीं आये लौट कर
सलाम करता हूँ !!
सलाम करता हूँ !!
उन माँ बहनों जिन्हों में अपनों को देश के लिए नौछाबर किया है !!!
सलाम करता हूँ !!
सलाम करता हूँ !!
उन भईयो को जो कारगिल में जाकर दुश्मनों के साहस से लड़े!!\
हम सब मिल कर सपथ लेते हैं जिस देश की खातिर आप के बलिदान हम जाया नहीं जाने देंगे
हम जब तक है उन्हें याद करते हैं जिन्हें हमने खोया है देश की खातिर कभी न भूल पाएंगे !!
हम सब मिल कर सपथ लेते हैं जिस देश की खातिर आप के बलिदान हम जाया नहीं जाने देंगे
हम जब तक है उन्हें याद करते हैं जिन्हें हमने खोया है देश की खातिर कभी न भूल पाएंगे !!
कभी न रहे असमा में !!
पर वक्त जब बिता ,पीछे कुछ न कुछ छुटा !!
एक दिन साँस थमने लगी,दम घुटने लगा !!
और मैं तो आग ली लपटों में जलने लगा !!
दर्द का खुमार छाया और ,
जब आंखे खुली तो अपने को असमा में पाया !!
देखा जन्हा नहीं था आना !
ख्वाइश न थी कभी असमा में टिमटिमाना!!
जब आंखे खुली तो अपने को असमा में कैद पाया !
पर मेरे साथ था कोई रौशनी का साया !!
पर धरती पर न सही असमा में जगमगा रहा था !
लोगो की आँखों से प्यार पा रहा था !!
ख्वाइश न थी कभी असमा से मिलने की !
!!एक सितारा!!
एक सितारा खो गया न जाने आसमा में !
कभी जो मुझे मिला करता था रातो में !!
एक दिन हुआ वो मुझ से यूँ खफा !
पता नहीं क्या मुझ से हुई थी खता !!
रो रहा हूँ जिस दिन से मिला न उस से !
दिन भर की बाते बताता था जिस से !!
एक वही तो था मेरा दोस्त था !
सारा दुःख दर्द बाटने का स्रोत था !!
एक सितारा खो गया न जाने आसमा में !
दिन के ख़तम होने का करता था इन्तजार !
दोस्त था न मेरा करता था उससे प्यार !!
न जाने वो मेरे क्यूँ पास आता था !
मेरे सोते ही कंही खो जाता था !!
गहरा रिश्ता था मेरा कंही उससे !
मन की सारी बाते बताता था जिससे !!
टिमटिमाते हुआ जो आता था !
मुझे हँसा कर खुद मुस्कुराता था !!
मेरी भी ख्वाईस थी कभी मिले उस से !
रो दूंगा मिलकर गले जिससे !!
पर मेरे दोस्त आज हूँ आसमा में !
पर पूछता हूँ कंहा खो गया है मेरा सितारा बदलो में !!
अब बस बची हैं यादे मेरी और उसकी !
और मैं तनहा हूँ बस यादो में तेरी !!
एक सितारा खो गया न जाने आसमा में !
कभी जो मुझे मिला करता था रातो में !!
कभी जो मुझे मिला करता था रातो में !!
एक दिन हुआ वो मुझ से यूँ खफा !
पता नहीं क्या मुझ से हुई थी खता !!
रो रहा हूँ जिस दिन से मिला न उस से !
दिन भर की बाते बताता था जिस से !!
एक वही तो था मेरा दोस्त था !
सारा दुःख दर्द बाटने का स्रोत था !!
एक सितारा खो गया न जाने आसमा में !
दिन के ख़तम होने का करता था इन्तजार !
दोस्त था न मेरा करता था उससे प्यार !!
न जाने वो मेरे क्यूँ पास आता था !
मेरे सोते ही कंही खो जाता था !!
गहरा रिश्ता था मेरा कंही उससे !
मन की सारी बाते बताता था जिससे !!
टिमटिमाते हुआ जो आता था !
मुझे हँसा कर खुद मुस्कुराता था !!
मेरी भी ख्वाईस थी कभी मिले उस से !
रो दूंगा मिलकर गले जिससे !!
पर मेरे दोस्त आज हूँ आसमा में !
पर पूछता हूँ कंहा खो गया है मेरा सितारा बदलो में !!
अब बस बची हैं यादे मेरी और उसकी !
और मैं तनहा हूँ बस यादो में तेरी !!
एक सितारा खो गया न जाने आसमा में !
कभी जो मुझे मिला करता था रातो में !!
कर इंतनी चाहत की तेरी मोहब्बत देख तेरा खुदा भी झुक जाये !
![]() |
कर इंतनी चाहत की तेरी मोहब्बत देख तेरा खुदा भी झुक जाये !
बस देख ले चेहरा उनका एक नज़र ये आसमा और जमी रुक जाये!!
तुझे याद रखे ये इतिहास १
दिल में बस रखना उनका अहसास !!
प्यार को अपना भगवन मान लो
खुदा बसता है सच्चे प्यार में यह जान लो !!
पावन अहसास को ही कहते हैं प्यार !
कभी मत खोना अपना सच्चा प्यार मेरे यार
तुझे याद रखे ये इतिहास १
दिल में बस रखना उनका अहसास !!
प्यार को अपना भगवन मान लो
खुदा बसता है सच्चे प्यार में यह जान लो !!
पावन अहसास को ही कहते हैं प्यार !
कभी मत खोना अपना सच्चा प्यार मेरे यार
Subscribe to:
Posts (Atom)









