छु गया था आप से, अहसास अभी तक बाकि है !
बरसात तो चली गयी पर बहार अभी तक बाकि हैं !!
कहने को तो ये सारा जंहाँ, पूरी तरह से मेरा ही है !
जहाँ वालो को मेरा अपना होना अभी तक बाकि है!!
पुत्र ने आज मर्यादा को जला कर रख कर दिया !
पिता कि चिता में,लगी आग अभी तक बाकि है !!
जहाँ वालो को मेरा अपना होना अभी तक बाकि है!!
पुत्र ने आज मर्यादा को जला कर रख कर दिया !
पिता कि चिता में,लगी आग अभी तक बाकि है !!
मेरा भगवान मेरे साथ है,हर राह,हर मुकाम में !
इसी रहना साथ मेरे,मंजिल,अभी तक बाकि है !!
वैसे तो मैंने पी तो ली है,मैखाने,मैखाने में जाकर !
बस उनकी नजरो से पीना , अभी तक बाकि है !!
कई गिरे बने हैं , मोहब्बत में कई दफा मेरे मौला !
मेरा इस सर जमी से मोहब्बत, अभी तक बाकि है !!
शीशा,पत्थर के रिश्तो कि तरह है तेरा मेरा रिश्ता !
ज़माने भर से रजामंदी ,लेना अभी तक बाकि है !!
