एक सड़क के किनारे दो बच्चे खेल रहे थे !
धरती माता को अपने में लपेट रहे थे !!
तभी अचानक उनके पास रुकी एक कार !
उसमे थी आंखे चार !!
दो आँखों ने बच्चो के देखा !
निकला पोर्टेबल कैमरा और कैद कर ली उनकी रूप रेखा !!
बच्चे रहते थे पास की झोपडी में !
भूख के अलावा कान्हा था उनकी खोपड़ी में !!
उन्हें लगा मेमसाहब कुछ पैसे देंगी !
कंही प्यार से हमारा हाथ थाम लेंगी !!
दौड़ के गए कार के पास और खिड़की से डाला अपना हाथ !!
देख उन बच्चो को उन्हों ने अपना मुह पीच्काया !!
बिना कुछ कहे अपनी कार को अंगे बढाया !!
गरीब बच्चो को देख उनकी फोटो तो खींच लेते हैं !
और जब करनी हो कभी उनकी सहायता तो अपनी कार बढ़ा लेते हैं !!
पर बच्चो ने भी कई दफा कार जाती हुई देखा था !
पर जबरजस्ती कंहा किसी ने रोका था !!
उन बच्चो की तस्वीरे ट्विट्टर ,फसबूक में करोडो में बिक गयी !
उन बच्चो की जिंदगी सडको में थी और सडको में ही रह गयी !!
कई दफा उन तस्वीरो को देख लोगो ने नेताओं को कोसा दी हजारो गाली !
पर जब आया सहायता करने का मौका सब ने अपनी पोटली सरका ली !!
जिंदगी भी कितने रूप देखती है !!
कभी महलो में तो कभी सडको में गुजर जाती है !!
