Sunday, 22 September 2013

फिर आज धड़का है दिल बड़ी जोर से !











फिर आज धड़का है दिल बड़ी जोर से ! 
कंही कोई मुझे याद कर रोया होगा !!

खुदा उस पर बस इतना करम करना !
नींद दे देना वो सारी रात न सोया होगा !!

बात क्या हुई होगी जो मैं उसे याद हूँ !!
उसे हवाओं ने मेरा हाल सुनाया होगा !!

आज अमावस की रात भी उजाली है !!
उसने याद कर मुझे दीप जलाया होगा !!

आज तो फूलो के रंग भी उड़ गए हैं !
वो रोकर फिर से न मुस्कुराया होगा !!

लाखो की मोतियों के दाम गिर गए हैं !
तोड़ कर हार जमीन में फैलाया होगा !!!

आज हवाओ में कुछ नमी नमी सी है !!
खुदा यार ने आज आंसू बहाया होगा !!