Wednesday, 20 June 2012

मेरी ख़ामोशी














मैं खामोश हूँ तो क्या हुआ ?
सुना तो करता हूँ ना !

इस तरह गिरा हूँ तो क्या हुआ ?
खड़ा तो हो तो जाता हूँ ना !

मर कर ही सही जीया तो क्या हुआ?
कहने को जी तो रहा हूँ ना !

मंजिल दूर है तो क्या हुआ ?
एक बार चल दिया तो पहुच तो जाऊंगा ना !!

आज भटक तो गया हूँ तो क्या हुआ ?
ठोकर खाकर संभल तो जाऊंगा ना !

तेरा जादू














तेरी एक नज़र का हुआ यह असर !!
जाना किधर है कान्हा है मेरा घर !!

तेरी खुशबू एक येसा बहार आया !
अब देखो गुलाब को गुमार छाया !!

तेरी आंख खुले होता है सबेरा !
खुले जुल्फे तो होता है अँधेरा !!

तेरी हँसी से आये ये भीगा सावन !
देख हँसी सीख जाये जीना जीवन !

तेरी चाल से हवाओं ने सीखा है चालना !
पंछी ने असमानों में सीखा है उड़ना !!

तेरी बातो से सीखा हम ने बातो को !
और सीखा दिया करवट बदलना रातो को !!

तेरी आँखों से सीखा एक नजराना !
कैसे रहे नशे में बिना पिए पैमाना !!

तेरी नजरो का जादू भूल गए हम मैखाना !
पीते हैं नजरो से तेरी गलिया मेरा आशियाना !!