Wednesday, 20 June 2012

मेरी ख़ामोशी














मैं खामोश हूँ तो क्या हुआ ?
सुना तो करता हूँ ना !

इस तरह गिरा हूँ तो क्या हुआ ?
खड़ा तो हो तो जाता हूँ ना !

मर कर ही सही जीया तो क्या हुआ?
कहने को जी तो रहा हूँ ना !

मंजिल दूर है तो क्या हुआ ?
एक बार चल दिया तो पहुच तो जाऊंगा ना !!

आज भटक तो गया हूँ तो क्या हुआ ?
ठोकर खाकर संभल तो जाऊंगा ना !

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