कल का सूरज देखने को बेताब हूँ !
जिंदगी कहती है मैं तेरा ख्वाब हूँ !!
एक सुबह होगी अंत मेरी परिभाषाओ का !
लाएगी सुबह पोटली नई आशाओ का !!
काश की अंत इतना सुखद हो !
बस जाये मेरे राग में उल्लास रसद हो !!
ये रात ढल जा येसे !
मुट्ठी से रेट फिसली हो जैसे !
क्योंकि कल का सबेरा नई खुशियाँ नया तरंग लायेगा !
मिलूँगा दोस्तों से फिर एक दफा नया उमंग लायेगा !!
मिलूँगा दोस्तों से अपनी बाहें फैलाए,
चाहूँगा दोस्तों से अंतिम हाथ मिलाये !!
अलविदा न कह सकूँगा ,
क्यूंकि यादो को दिल से कंहा विदा कर सकूँगा !!
कल का सूरज देखने को बेताब हूँ !
जिंदगी कहती है मैं तेरा ख्वाब हूँ !!
