Sunday, 27 November 2011

!!एक सितारा!!

एक सितारा खो गया न जाने आसमा में !
कभी जो मुझे मिला करता था रातो में !!

एक दिन हुआ वो मुझ से यूँ खफा !
पता नहीं क्या मुझ से हुई थी खता !!

रो रहा हूँ जिस दिन से मिला न उस से !
दिन भर की बाते बताता था जिस से !!

एक वही तो था मेरा दोस्त था !
सारा दुःख दर्द बाटने का स्रोत था !!

एक सितारा खो गया न जाने आसमा में !
दिन के ख़तम होने का करता था इन्तजार !
दोस्त था न मेरा करता था उससे प्यार !!

न जाने वो मेरे क्यूँ पास आता था !
मेरे सोते ही कंही खो जाता था !!

गहरा रिश्ता था मेरा कंही उससे !
मन की सारी बाते बताता था जिससे !!

टिमटिमाते हुआ जो आता था !
मुझे हँसा कर खुद मुस्कुराता था !!

मेरी भी ख्वाईस थी कभी मिले उस से !
रो दूंगा मिलकर गले जिससे !!

पर मेरे दोस्त आज हूँ आसमा में !
पर पूछता हूँ कंहा खो गया है मेरा सितारा बदलो में !!

अब बस बची हैं यादे मेरी और उसकी !
और मैं तनहा हूँ बस यादो में तेरी !!

एक सितारा खो गया न जाने आसमा में !
कभी जो मुझे मिला करता था रातो में !!

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