Sunday, 27 November 2011



















कविता कवि की कल्पना है संकल्पना है चाहत है!
हँसाने का सहारा है किसे की जीने का सहारा है !!

कविता कवि की अर्धांग्नी है!
उसके दिल के संगनी है !!
मन की भावना है !
कवी की रागनी है !!

लोगो को बदलने का तरीका है!!
जिसके बिना कवि फीका है !

कविता कवि की तनहाई में भी सहारा है!
लोगो और लोगो के बिना जीने का इशारा है!!

कविता तो कवी के दिल की रानी है !!
कवी और कविता की बस यही कहानी है!!

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