दो लोगों से बड़ा डर लगता है !
कभी रास्तो में मिलते हैं कभी कभी कभी आन्दोलन करते हुए मिलते हैं !
क्या पता कब राजनीती खेल जाये !!
और रास्तो में छोड़ जाये !!
दो लोगों से बड़ा डर लगता है !
एक दुसरे जो अपने हैं और एक जो अपने जो दुसरे हैं !!
क्या पता कब साथ छोड़ जाये !!
और हम जिंदगी भर तलाशते रह जाये!!
दो लोगो से बड़ा डर लगता है
एक तुम से और मेरे एक तन्हाई से!!
क्या पता कब मचल जाये !!
और मुझे तनहा सा कर जाये !!!
और रास्तो में छोड़ जाये !!
दो लोगों से बड़ा डर लगता है !
एक दुसरे जो अपने हैं और एक जो अपने जो दुसरे हैं !!
क्या पता कब साथ छोड़ जाये !!
और हम जिंदगी भर तलाशते रह जाये!!
दो लोगो से बड़ा डर लगता है
एक तुम से और मेरे एक तन्हाई से!!
क्या पता कब मचल जाये !!
और मुझे तनहा सा कर जाये !!!
दो लोगो से बड़ा डर लगता है
एक हम से और एक तुम से !!
एक हम से और एक तुम से !!

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