मिलना जरुरी नहीं प्यार केलिए
कहने की जरुरत नहीं इजहार के लिए
आंखे भी कह देती हैं सब कुछ वया
अब क्या जरुरी है मिलना इजहार के लिए
वन्दिशे होती हैं प्यार में समाज की
क्यूंकि भरोसा नहीं है आज के प्यार की
कब दिल टूटे कब जुड़ जाये
कैसे हालत हैं नोजवान आज तेरे प्यार की
अरे प्यार की कोई नहीं होती परिभासा
कब कहा हो जाये कोई नहीं होती आशा
सोते जागते रहता है उनका ही नाम
अरे नोजवानो क्यूँ करते हो प्यार को बदनाम
कहने की जरुरत नहीं इजहार के लिए
आंखे भी कह देती हैं सब कुछ वया
अब क्या जरुरी है मिलना इजहार के लिए
वन्दिशे होती हैं प्यार में समाज की
क्यूंकि भरोसा नहीं है आज के प्यार की
कब दिल टूटे कब जुड़ जाये
कैसे हालत हैं नोजवान आज तेरे प्यार की
अरे प्यार की कोई नहीं होती परिभासा
कब कहा हो जाये कोई नहीं होती आशा
सोते जागते रहता है उनका ही नाम
अरे नोजवानो क्यूँ करते हो प्यार को बदनाम
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