@@आईने और मायने बदल गए @@
अब यह क्या शब्दों के तो माएने बदल गए !
जब उठा बीमारी से मेरे घर के आईने बदल गए !!
कहते हैं कैसे सताए गए हो !
यु तुम कंहा से आ गए हो !!
मेरा तो बस एक ही चेहरा था !!
साँझ-सुबह एक ही पहरा था !
क्या मुसीबत है वक्त के साथ मायने बदल जाते हैं !
कुछ दिनों में मेरे अपने घर के आइने बदल जाते हैं
कुछ शब्द बचा रखे थे शिध्ध्त से !
किसी डायरी में लिख हिफाजत से !!
पर इस वक्त की ही थी शरारत !
आ गई मुझे पर ही थी आफत !!
अब यह क्या शब्दों के तो माएने बदल गए !
जब उठा बीमारी से मेरे घर के आईने बदल गए !!
कहते हैं कैसे सताए गए हो !
यु तुम कंहा से आ गए हो !!
मेरा तो बस एक ही चेहरा था !!
साँझ-सुबह एक ही पहरा था !
क्या मुसीबत है वक्त के साथ मायने बदल जाते हैं !
कुछ दिनों में मेरे अपने घर के आइने बदल जाते हैं

No comments:
Post a Comment