जलता है कोई आग में लोग रोशनी मान लेते हैं !!
कोई रोता है करह कर लोग गीत मान लेते हैं !!
पंछी तो आसमान में उड़ते हैं पर !
कभी रोया उनका बच्चा वो जान लेते हैं !!
तन्हाई में कोई अकेले हो हँसा !
क्यूँ लोग खुश उसे जान लेते हैं !!
अरे दोस्तों !! पत्थर भी ठोकर खाकर रोता है !!
कभी दो पल के लिए सुना तो करो !!
सब जी लेते हैं अपने लिए कभी
दुसरो के लिए जी कर तो देखा करो !!
मायूस सा चेहरा देखकर भी
खुदा है उसके पास लोग मान लेते हैं !!
कभी दूर बेटे को लगी चोट
रोता है उसका बच्चा माँ जान लेते हैं !!
चलता है राह में कोई मिलेगी उसे मंजिल लोग मन लेते हैं !!

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